प्रतापगढ़:- क्षेत्र के दांदूपुर ककरहवा सहित कई गांव के लाेग जंगली सूअर व नीलगाय के आतंक से परेशान है। एक ओर मौसम की मार से जहां किसान परेशान हैं वंही आवारा पशुओं ने भी किसानों का जीना हराम कर रखा है। वैसे तो आवारा पशुओं से सारा प्रतापगढ़ जिला परेशानी में है परन्तु दांदूपुर ककरहवा के लोग जैसे ही आलु की फसल लगाते हैं, आवारा सुअर बीज खा जाते हैं। इससे यहां किसानों को अपने फसलों को बचाने के रात रात जग कर जंगली सूअर व नील गाय को भगाना पड़ रहा है। जंगली जानवरों का झुंड होने के कारण किसान भी भयभीत रहते हैं। जिससे पिछले कई वर्षों से लोगों ने आलु की बोवाई बंद कर दिया, जिससे गांव में आलु की किमत 20 रुपये किलो हो गयी है। इसी तरह नीलगायों और सुअरों के साथ ही लोगों द्वारा छोड़े गये साड़ों और गायों ने लोगों की खड़ी हरी फसल बर्बाद कर रहे हैं। डर से लोगों ने आलु, मकई, उड़द, गंजी जैसी कई मौसमी फसलों की बोवाई ही बंद कर दिया है। लोग शासन प्रशासन की ओर आसा लगाये बैठे हैं कब इन नीरीह गांव वालों पर ध्यान देगा।
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