शहर वासियो मे चर्चा राजीनामा कही कमळ न खिला दे....?
महाराष्ट्- उल्हासनगर विधानसभा 141 से दो बार राकांपा से विधायिका रह चुकी ज्योति कालानी ने राकांपा सदस्य व उल्हासनगर शहर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर शहर की राजनीतिक चर्चाओ को रोचक मोड़ दे दिया है.ज्योति कालानी ने प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल को पत्र देते हुए पारिवारिक वैयक्तिक मामलो के कारण इस्तीफा देने का जिक्र किया है। गौरतलब है कि भाजपा से विधानसभा टिकट पाने के लिए कालानी और आयलानी दोनों तरफ से अफवाहों का बाजार काफी महीनों से गर्म था। बताया जा रहा था क़ि ज्योति कालानी एनसीपी छोड़कर भाजपा में प्रवेश करेंगी। 27 सितम्बर को विधायिका ज्योति कालानी के इस्तीफे से शहर में चर्चाओ बाजार फिर गर्म हो गया है क़ि कही ज्योति कालानी भाजपा में प्रवेश कर तो नही रही है। उल्हासनगर का विधायक कौन होगा और इसकी रस्सीकसी में अब ज्योति जिस पक्ष में प्रवेश करेगी, उसका पलड़ा भारी होगा. ज्योति के इस्तीफे से अब क्या रणनीति सामने आएगी, यह सोचने पर आयलानी समूह में चिंता का माहौल है। बता दे कि २००८ में, एनसीपी की ज्योति कलानी ने बीजेपी के कुमार आयलानी को सिर्फ १८०० वोटों से हराया था। हालांकि, कुमार आयलानी ने २००९ में पप्पू कलानी को हराया था, उसके बाद लगातार दो बार से उल्हासनगर में विधयिका के तौर पर ज्योति कालानी विराजमान हैं. पिछले कई महीनों से भाजपा में प्रवेश को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी. ज्योति कालानी की बहू शहर की भाजपा पक्ष से महापौर पंचम कालानी है और विधायक पद की रेस में भी है। फिलहाल ज्योति कालानी ने इस्तीफा देकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है और ज्योति कालानी भी बीजेपी में प्रवेश करती दिख रही है। विधायिका ज्योति कलानी को भाजपा में लाने और ओमी कलानी के बदले में भाजपा का विधानसभा टिकट पाने के लिए कालानी गठबंधन की ओर से प्रयास कितना सफल होता है अब आने वाले दो दिनों में साफ हो जाएगा
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