उल्हासनगर में जल संकट को लेकर नागरिकों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच Ulhasnagar Citizen's Forum (UCF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं से
हस्तक्षेप की मांग की है। UCF द्वारा किए गए पोस्ट में दावा किया गया है कि शहर के नागरिक कृत्रिम जल संकट (Manmade Water Scarcity) का सामना कर रहे हैं। संस्था का कहना है कि बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इमरजेंसी वाटर हेल्पलाइन प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर रही है, जिससे नागरिकों को सहायता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने अपने पोस्ट में कहा है कि लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भटकने को मजबूर हैं। साथ ही जलापूर्ति विभाग द्वारा शिकायतों और फोन कॉल्स पर उचित प्रतिक्रिया नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
UCF ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Maharashtra), सुप्रीम कोर्ट तथा बॉम्बे हाई कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप कर शहर में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है
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